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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित जनपदों (अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच) का दौरा किया।

बलरामपुर/अयोध्या/गोंडा/श्रावस्ती/बहराइच/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित जनपदों (अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पांचों जिलों का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में स्थलीय निरीक्षण किया। सीएम ने यहां बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उन्हें राहत सामग्री वितरित की और उनका हाल जाना। पत्रकार वार्ता करते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस आपदा में सरकार आपके साथ है और आपकी हर संभव मदद करेगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ के हालत और राहत बचाव कार्यों को लेकर आज बैठक ली गयी है और मंत्री समूह को सभी जनपदों में भेजा गया है। साथ ही साथ बाढ़ प्रभावित जनपदों का खुद उनके द्वारा दौरा भी किया जा रहा है।

विजयदशमी के बाद आई यह बाढ़ अप्रत्याशित है
सीएम योगी ने कहा कि पहले बाढ़ अगस्त और सितंबर महीने के बीच में आती थी। इस बार हम लोग यह मानकर चल रहे थे कि बाढ़ नहीं आएगी। यद्यपि पिछले 3-4 वर्षों में नदियों पर बहुत कार्य हुआ है, जिससे बाढ़ काफी हद तक रुक गई थी, लेकिन इस बार अक्टूबर माह में विजयदशमी के बाद आई यह बाढ़ अप्रत्याशित है। पिछले दस दिनों में भारी बारिश हुई है। पहले सूखे के कारण किसान परेशान था और जब बरसात आई है तो खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सूखा और बाढ़ की वजह से जिन किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है उनके सर्वे का आदेश दिया गया है। रिपोर्ट आते ही हम सभी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएंगे।

बाढ़ प्रभावित पांच जिलों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया दौरा (Video)

माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी दिनांक 12 अक्टूबर 2022 को उतरौला जनपद बलरामपुर में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री प्रदान करते हुए एवं संबोधित करते हुए

बलरामपुर के 280 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित
बाढ़ग्रस्त जनपदों के दौरे के क्रम में सीएम योगी सबसे पहले बलरामपुर पहुंचे, जहां उन्होंने कहा कि यहां के 280 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। मैंने अभी उतरौला और बलरामपुर सदर के गांवों का निरीक्षण किया है। इन सभी गांवों में राहत कार्य युद्ध स्तर पर हो इसका मैंने निर्देश दिया है। पीड़ित परिवारों को पर्याप्त संख्या में राहत पैकेट वितरित किया जाए, इसके निर्देश दिए गए हैं। बलरामपुर जिले में थोड़ी समस्या हुई है क्योंकि बलरामपुर- गोंडा मुख्य मार्ग कट गया है, तुलसीपुर- बलरामपुर और बलरामपुर उतरौला वाला मार्ग बाधित हो गया है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन अपने स्तर पर कार्य कर रहा है। जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि वह अन्य सभी कार्य स्थगित करते हुए पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि यह आपदा है इसका मुकाबला सभी को मिलकर करना होगा।

श्रावस्ती में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
श्रावस्ती के दौरे पर पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के करीब 15 जनपद बाढ़ से प्रभावित हैं। मैं आश्वस्त कराने आया हूं कि किसी भी आपदा में सरकार आपके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के दौरे के क्रम में आज मैं यहां पहुंचा हूं, 13 अक्टूबर को मैंने जलशक्ति मंत्री को भेजा था। श्रावस्ती जनपद में 114 गांव बाढ़ग्रस्त हैं, जिसमे 50 गांव ज्यादा प्रभावित हैं। राहत और बचाव कार्य को युद्धस्तर पर चलाने के लिए शासन की तरफ से पहले ही निर्देश जारी कर दिया गया था। बाढ़ नियंत्रण के लिए एडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएससी की फ्लड यूनिट और पुलिस के जवानों को पहले ही तैयार कर दिया गया था। जिन गांवों में पहुंचना मुश्किल था, वहां से पीड़ितों को सुरक्षित निकालने के लिए व्यवस्था की गई। इसके लिए प्राइवेट नाव और स्टीमर की व्यवस्था भी पहले ही कर दी गई थी।

स्वच्छता, सैनेटाइजेशन और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए
बहराइच के दौरे पर पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से प्रभावित लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, आज सुबह से ही मैं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार पीड़ा और दुख की इस घड़ी में हर पीड़ित परिवार के साथ हैं। सरकार की तरफ से जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये, पूरी तरह से मकान क्षतिग्रस्त होने पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए आपदा राहत के तहत सहायता राशि और पशुहानि पर भी सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता दी जा रही है। सीएम योगी ने जिला प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि जिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन बनाने की व्यवस्था नहीं है वहां पर कम्युनिटी किचन प्रारम्भ किया जाए। इसमें भी अगर परेशानी हो तो दोपहर और शाम में लांच पैकेट उपलब्ध करवाये जाएं। सीएम योगी ने कहा कि सांप, बिच्छु और कुत्ते के काटने का मामला आता है तो उसकी वैक्सीन पहले से ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। बाढ़ का पानी जहां उतर रहा है उन गांवों में स्वच्छता, सैनेटाइजेशन और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए।

राहत पैकेट में ये दे रही सरकार
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक बाढ़ पीड़ित को राहत पैकेट उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसमें आटा, चावल, गेंहू, चना, भूजा, दाल तेल, नमक, दिया सलाई, मोमबत्ती, बाल्टी, लंच पैकेट, दवा की किट आदि सामग्री जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।

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